MSP Full Form in Hindi | MSP Ka Full Form क्या है?

दोस्तों, इस पोस्ट में हमने आपको MSP Full Form in Hindi, MSP ka full form क्या है, एमएसपी क्यों तय किया जाता है और किसके द्वारा तय किया जाता है, एमएसपी के फायदे क्या है इससे जुड़ी और भी अधिक जानकारी साझा की है। पूरी जानकारी के लिए पोस्ट को अंत तक पढ़ें।

यदि आप कृषि क्षेत्र से संबंधित जानकारियों को जानने के लिए उत्सुक होते हैं तो आपको इससे जुड़ी सारी बातों का ज्ञान अवश्य होना चाहिए। वहीं अगर आप कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए हैं तो यह जानना और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है कि अग्रीकल्चर के अंतर्गत किस तरह का मूल्य अर्थात आय किसानों को प्राप्त होता है। 

यहां हम बात करने वाले हैं भारत सरकार द्वारा किसानों की फसल के आधार पर दिए जाने वाले एमएसपी की जिसके बारे में जानना बहुत जरूरी है। आपने अक्सर न्यूज़ पेपर, टीवी समाचार आदि में एमएसपी से संबंधित आंदोलनों के बारे में जरूर सुना होगा जिसे देखकर आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि एमएसपी का फुल फॉर्म क्या है।

इसलिए हम आज एमएसपी से संबंधित जानकारी आपके लिए लेकर आए हैं। यहां आप जानेंगे कि एमएसपी क्या है? MSP क्यों तय किया जाता है? और इसके फायदे क्या है आदि।

सबसे पहले जानते हैं कि एमएसपी फुल फॉर्म इन हिंदी (MSP Full Form In Hindi) क्या है?

MSP Full Form in Hindi (MSP Ka Full Form क्या है?)

MSP full form in Hindi

अगर आप सोशल मीडिया पर एक्टिव है तो आपके सामने एमएसपी (MSP) से संबंधित कोइ ना कोई जानकारी अवश्य आई होंगी, लेकिन अगर अभी भी आप एमएसपी (MSP) का फुल फॉर्म नहीं जानते तो हम आपको बता दें कि एमएसपी का फुल फॉर्म मिनिमम सपोर्ट प्राइस (Minimum Support Price) है जिसे हिंदी में न्यूनतम समर्थन मूल्य कहा जाता है।

M: Minimum (न्युनतम)

S: Support (समर्थन)

P: Price (मूल्य)

न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे में आपने किताबों में भी जरूर पढ़ा होगा। आइए इसके बारे में हम आपको विस्तार से बताते हैं और जानते है कि MSP होता क्या है।

MSP क्या है?

1965 मे शुरू की गई एमएसपी का पूरा नाम न्युनतम समर्थन मूल्य है जिसे पहले कृषि मूल्य आयोग कहा जाता था, लेकिन 1985 के संशोधन के पश्चात इसका नाम कृषि लागत एवं मूल्य आयोग कर दिया गया।

एमएसपी भारत कृषि मंत्रालय द्वारा किसानों की आय निर्धारित करने वाली संस्था है, आइए इसे थोड़ा विस्तार से समझते है।

एमएसपी (MSP) किसानों को मिलने वाली आय हैं जो उनकी फसलों के आधार पर सरकार द्वारा प्राप्त होती है। किसानों को मिलने वाली इस आय का मूल्य सदैव निर्धारित होता है अर्थात यदि कभी किसानों की फसल की कीमत में उतार-चढ़ाव भी आ जाए तो भी इसके मूल्य में कोई असर नहीं पड़ता।

किसानों को दी जाने वाली आय निश्चित है अर्थात वह उन्हें प्राप्त होती ही है।

वही MSP एक ऐसा विषय है जिसके बारे में अक्सर पूछा जाता है चाहे आप किसी इंटरव्यू में जाए तो भी आपसे इस विषय से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं इसलिए इससे संबंधित जानकारियां आपके पास होनी चाहिए। न्यूनतम समर्थन मूल्य भारत सरकार द्वारा किसानों को दी जाने वाली लागत है लेकिन क्या आप यह जानना चाहते हैं कि एमएसपी को तय करने का कारण क्या है? 

यदि नहीं, तो आइए हम आपको बताते हैं।

MSP क्यों तय किया जाता है?

मिनिमम सपोर्ट प्राइस अर्थात न्यूनतम समर्थन मूल्य को लागू करने का मुख्य उद्देश्य किसानों को लाभान्वित करना है। ऐसा कई बार होता है कि किसी वर्ष फसल का उत्पादन ज्यादा होता है जिससे किसानों को किसी भी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता और उनकी आजीविका के साधन उनके पास मौजूद होते हैं लेकिन कई बार अच्छी फसल ना होने की वजह से किसानों के लिए अपनी आजीविका की जरूरतों को पूरा करना भी कठिन हो जाता है तो ऐसी स्थिति मे MSP ही किसानों की आय का साधन होता है।

मिनिमम सपोर्ट प्राइस का उद्देश्य यही है की कठिनाई के समय में किसानों को भरण-पोषण के लिए एक निर्धारित आय प्रदान होती रहे। मिनिमम सपोर्ट प्राइस जारी होने के बाद सरकारी एजेंसियों के माध्यम से फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और नेफेड के पास भंडारण होता है जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए सरकार गरीबों तक एक निश्चित कीमत पर अनाज पहुंचाती है। 

न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद है जिससे उन्हें एक अच्छी आय का साधन मिलता है। आइए जानते हैं एमएसपी का निर्धारण कौन करता है और कैसे करता है।

MSP कौन तय करता है?

एमएसपी का निर्धारण भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली कृषि लागत एवं मूल्य आयोग संस्था के द्वारा किया जाता है। यह आयोग कैबिनेट समिति की बैठक में कृषि से जुड़े सभी आंकड़ों पर चर्चा करते हुए एमएसपी का निर्धारण करते हैं। बैठक में हुई सारी चर्चा को भारत सरकार के सामने रखा जाता है और उसके बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण होता है।

MSP कौनसी फसलों पर मिलता है?

भारत के कृषि मंत्रालय के द्वारा 22 फसलों पर एमएसपी दिया जाता है इसके लिस्ट कुछ इस प्रकार है।

  • धान 
  • ज्वार 
  • गेहूं 
  • चना 
  • मसूर 
  • उड़द 
  • मूंग 
  • कपास 
  • अरहर 
  • मूंगफली 
  • सोयाबीन 
  • सूरजमुखी 
  • नारियल 
  • कपास 
  • सरसों 
  • जौ 
  • शीशम 
  • बाजरा 
  • मक्का
  • रागी
  • निगरसिड
  • जुठ
MSP के फायदे?

एमएसपी के जरिए किसानों को बहुत ज्यादा लाभ प्राप्त हो रहा है। इससे उनकी आए तो निश्चित हो ही गई है साथ ही और भी बहुत सारे लाभ इसके अंतर्गत किसानों को दिए जा रहे हैं, आइए जानते हैं कि कौन-कौन से लाभ किसानों को एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के अंतर्गत दिए जा रहे हैं:-

  • मिनिमम सपोर्ट प्राइस के जरिए किसानों को समय पर एक निश्चित आय प्राप्त होती है अर्थात उनकी फसलों की कीमत में उतार-चढ़ाव आने पर न्यूनतम समर्थन मूल्य में कटौती नहीं होती।
  • यदि बाजार में किसानों की फसलों का दाम गिर भी जाता है तब भी उन्हें MSP की राशि प्रदान की जाती है।
  • किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है और उनकी आय में वृद्धि हुई है।
  • किसानों को फसलों के खराब हो जाने या उसके दाम गिरने की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
  • किसान द्वारा प्राप्त MSP की राशि को समय पर उन तक पहुंचाया जाता है।

तो कुछ इस तरह के लाभ न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत किसानों को प्राप्त होते हैं। इससे संबंधित कई मुद्दे भी है जो फसलों के लिए काफी ज्यादा प्रभावी है। यहां वर्गों के बीच अंतर नहीं किया जाता है और किसानों तक पहुंचाने के लिए अच्छी व्यवस्था भी की गई है। हालांकि यह कुछ फसलों तक सीमित है लेकिन इससे भी किसानों को काफी ज्यादा लाभ मिल रहा है।

MSP से जुड़े सवाल जवाब (FAQS)
MSP का क्या मतलब होता है?

MSP का मतलब मिनिमम सपोर्ट प्राइस (Minimum Support Price) है, जिसे हिंदी भाषा में न्यूनतम समर्थन मूल्य कहा जाता है।

MSP कब लागू हुआ?

MSP अर्थात न्यूनतम समर्थन मूल्य सबसे पहले केंद्र द्वारा 1966-67 में पेश किया गया था। यह स्वतंत्रता के समय भारत को अनाज उत्पादन में भारी कमी का सामना करने के बाद हुआ था। कम उत्पादन जनसंख्या की उच्च मांग को पूरा करने में असमर्थ था।

MSP क्या है UPSC?

UPSC में MSP का फुल फॉर्म Minimum Support Price होता है, जिसे हिंदी में न्यूनतम समर्थन मूल्य कहते हैं।

भारत में एमएसपी कौन तय करता है?

भारत में एमएसपी का निर्धारण भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली कृषि लागत एवं मूल्य आयोग संस्था के द्वारा किया जाता है।

निष्कर्ष – MSP Ka Full Form

दोस्तों, इस पोस्ट में हमने आपको एमएसपी की पूरी जानकारी दी है एमएसपी क्या है, MSP का फुल फॉर्म क्या है, MSP full form in Hindi क्या होता है, एमएसपी कौन तय करता है और ये क्यों तय किया जाता है, एमएसपी के फायदे क्या है इत्यादि।

उम्मीद करते हैं ये पोस्ट आपको पसंद आई होगी और इससे आपको हेल्प मिली होगी। अगर आपका कोई सवाल है तो आपको कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं, हम जल्द ही आपके कमेंट का रिप्लाई देंगे।

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